दर्शन, inspiration, philosophy, poetry

कुछ

कुछ पूरा हुआ,
कुछ अधूरा रहा,
कुछ छूट गया,
कुछ बाकी है,
कुछ मिल गया,
कुछ खाली है,
कुछ पास है,
कुछ दूर हुआ,
कुछ ख्वाहिशें थी,
कुछ मजबूरियाँ रहीं,
कुछ चाहते थी,
कुछ रंजिशे रहीं,
कुछ सुकून मिला,
कुछ तड़प रही,
कुछ बातें थी,
कुछ ख़ामोशी भी,
कुछ गर्माहट रही,
कुछ ठंडक भी,
कुछ तक़लीफ़ रही,
कुछ स्तब्ध भी,
कुछ चलता रहा,
कुछ रुक गया,
कुछ जलता रहा,
कुछ बुझ गया,
यूँही ज़िन्दगी में,
हर पल-
कुछ ना कुछ रहा,
और
कुछ ना कुछ नहीं |

ज़िन्दगी : सोच : पल