philosophy, Soulful

प्रेम

ये आकाश आधार है इस प्रदीप्त की चमक का,

और

ये प्रदीप्त, दुनिया के सामने अस्तित्व है इस आकाश का,

पूरक हैं एक दूजे के ये,

ये ही सत्य है,

ये ही तथ्य है,

ये ही प्रेम है |

प्रेम : आकाश : प्रदीप्ति