poetry, Souful, Soulful

एक दिल की आवाज़

हम सबका दिल कुछ ना कुछ कहना चाहता है, मगर हम उसे अनसुना कर देते हैं | और फिर तड़पते रहते हैं की क्या है जो अन्दर से बेचैन कर रहा है | आज मेरे दिल की आवाज़ कुछ यूँ कह रही है |

तुम क्या जानो,

इंतज़ार का समर्पण,
और एतबार की कसक,
यूँही गुज़रते ये दिन,
गुमसुम सी ये साँसें
रुकी रुकी सी हवा जैसे,
चाहती है बहना,
मदमस्त होकर,
तुम्हारे संग उम्र भर |

दिल : आवाज़ : जज़्बात